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    Celliular Network 0G, 1G, 2G, 3G, 4G और 5G सेलुलर नेटवर्क तक की जानकारी

    sowork soworkBy sowork soworkNovember 26, 2021Updated:January 25, 20231 Comment10 Mins Read
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    सेल्यूलर नेटवर्क (Celliular Network) की जानकारी विश्व में 0 से लेकर 1जी, 2जी, 3जी, 4जी और 5G मोबाइल नेटवर्क की जानकारी आप हिन्दी में पड़ेंगे। सेल्यूलर नेटवर्क (cellular network) की शुरुआत कब हुई? और फर्स्ट जनरेशन (Generation) ऑफ सेल्यूलर नेटवर्क, विश्व में प्रथम सेलुलर (मोबाइल) नेटवर्क (First Generation Celliular Network) कब और कहाँ? दूसरा मोबाइल डिजिटल नेटवर्क (2G) और तीसरा मोबाइल (सेल्यूलर) (3जी) हाई स्पीड आईपी डाटा नेटवर्क कब और कहाँ शुरू हुआ? आदि तमाम जानकारी आप पढ़ेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।

    सेल्यूलर नेटवर्क इन हिन्दी (cellular network in Hindi)

    दोस्तों जैसे कि आप जानते हैं कि आजकल 4जी (4G) का जमाना है। लेकिन इससे पहले 1G, 2जी, 3जी और फिर इसके बाद 4जी जेनरेशन (Generation) सेल्यूलर नेटवर्क की शुरुआत हो चुकी,

    अब हाल ही में 5G लॉन्च होने की पूरी तैयारी कर रहा है और कहीं-कहीं तो 5G चलना शुरू कर दिया है। हम उस इतिहास को जानते हैं कि फर्स्ट सेल्यूलर नेटवर्क जेनरेशन (1G) (First Generation Celliular Network) कब स्टार्ट हुआ?

    दूसरा डिजिटल नेटवर्क (2G) कब हुआ? तीसरा (3जी) हाई स्पीड आईपी डाटा नेटवर्क कब हुआ? इस तरह से हम पूरा विस्तार से जानेंगे। तो आप सेल्यूलर नेटवर्क को क्रमबद्ध तरीके से जानते हैं तो चलिए शुरू करें।

    व्यावसायिक मोबाइल फोन सेवा (commercial mobile phone service)

    मोबाइल फोन तकनीक की सभी पूर्व प्रणालियाँ अपने अलग-अलग आविष्कारों के माध्यम से किसी न किसी रूप में लोकप्रिय हुईं। लेकिन इनका उपयोग अन्य क्षेत्रों में ही ज्यादा प्रचलित था। जैसे-टू वे (Two way) मोबाइल रेडियोज का उपयोग वाहनों, पुलिस गाड़ियों एवं एम्बुलेन्स में ही ज्यादा होता था।

    वास्तव में इन प्रणालियों को स्पष्टतः मोबाइल फोन इसलिए नहीं कहा जा सकता था क्योंकि ये किसी दूरभाष नेटवर्क से सम्बद्ध नहीं थीं। सन् 1966 में बल्गारिया ने जिस पॉकेट मोबाइल का प्रचलन किया वह पूर्णत: ऑटोमैटिक फोन RAT-0, 5 एवं RATC-10 स्टेशन से जुड़ा था।

    इसका तकनीको नाम इंटरऑर्गटेक्निका-66 (Interorgantechnica-66) पड़ा और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया गया। यह एक स्टेशन पर आधारित एवं टेलीफोन की वायर लाइन से युक्त उपभोक्ता सेवा (consumer service) का प्रथम व्यावसायिक प्रयास था।

    शून्य जनरेशन सेल्युलर नेटवर्क (0G) (Generation Celliular Network)

    इसके तुरंत बाद सन् 1971 में फिनलैंड द्वारा एआरपी (APR) नेटवर्क के जरिए पहला पब्लिक व्यावसायिक मोबाइल फोन (business mobile phone) का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया। इसे शून्य जेनरेशन (0G) सेल्युलर नेटवर्क का नाम दिया गया।

    3 अप्रैल, 1973 को मोटोरोला (motorola) के शोध अधिकारी डॉ. मार्टिन कूपर (Dr. Martin Cooper) ने एनालॉग मोबाइल फोन प्रविधि के अनुरूप पहला हैण्डहेल्ड सेलफोन का आविष्कार किया जिसे विश्व में रेडियो टेलीफोन सिस्टम’ के नाम से जाना जाता है।

    Dr. Martin Cooper की इस खोज के प्रभाव के फलस्वरूप मोटोरोला (motorola) कंपनी ने बे-तार संचार (Wirlless Communication) की शुरुआत की। इससे जो सेल्युलर फोन अस्तित्व में आया वह छोटा और कहीं भी प्रयुक्त होने में सक्षम साबित हुआ।

    सेल्युलर नेटवर्क की पहली पीढ़ी (1G) (First Generation Celliular Network)

    प्रथम पीढ़ी 1G तकनीकी विकास के मामले में अपनी पूर्ववर्ती पीढ़ियों से इस अर्थ में भिन्न थी कि इसमें सेल-साइट्स (cell-sites) की विविधता, कॉल को एक जगह से दूसरी जगह स्थानान्तरण की सुविधा और चलते-फिरते बातचीत करने की नई तकनीकी व्यवस्था बन चुकी थी।

    इस तकनीक की प्रथम ऑटोमैटिक सेल्युलर नेटवर्क (first automatic cellular network) 1979 में जापान की NTT कंपनी द्वारा लांच किया गया। यह नेटवर्क टोक्यो शहर के 20 मिलियन से अधिक निवासियों तक पहुँचा। इसमें 23 नेटवर्क स्टेशन थे। पाँच वर्षों के उपरान्त ही इस नेटवर्क ने समूचे जापान में अपनी पहुँच बना ली और पहला आई. जी. नेटवर्क (I. G. Network) के नाम से प्रसिद्ध हआ।

    दूसरा आई.जी. नेटवर्क (I. G. Network) जिसे नोर्डिक मोबाइल फोन कहा जाता है, 1981 में नार्वे, डेनमार्क, फिनलैंड एवं स्वीडन जैसे देशों से लांच हुआ। NMT पहला मोबाइल फोन नेटवर्क (First Generation Celliular Network) है, जिसने अन्तर्राष्ट्रीय रोमिंग सुविधा उपलब्ध कराई। स्वीडिश इंजीनियर ऑस्टेन मैकिटैलो को इस नेटवर्क का जनक माना जाता है। 01 जनवरी 1985 में युके ने पहला फोटो फोन बनाया।

    दूसरा जनरेशन 2G डिजिटल नेटवर्क (second generation 2G digital network)

    प्रथम पीढ़ी के अस्तित्व में आने के बाद अनेक ट्रांसमीशंस पावर (transmission power) वाले मोबाइल फान प्रयुक्त होने लगे क्रमश: सेल के आकार-प्रकार एवं क्षेत्रों में विस्तार होने लगा। प्रसारण की गति निश्चित होने, नए-नए सेलों का निर्माण परिणाम की अधिकता, छोटे सेल की क्षमता में वृद्धि आदि कुछ ऐसे महत्त्वपूर्ण घटक हैं, जिनके द्वारा मोबाइल फोन के इतिहास (mobile phone history) में प्रथम पीढ़ी ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए।

    दूसरी Celliular Network डिजिटल नेटवर्क (second generation 2G digital network) सन् 1990 में मोबाइल की द्वितीय पीढ़ी अर्थात् टू जी (2G) नेटवर्क अस्तित्व में आया। यह पद्धति पूर्णत: जीएसएम स्तर के प्रयोग पर निर्भर थी।

    2G (2 जी) पीढ़ी में सबसे महत्त्वपूर्ण खोज प्रीपेड मोबाइल फोन है जिसे वर्तमान समय की उपलब्धि माना जा सकता है। 1991 ई. में फिनलैण्ड ने जीएसएम (radiolinza) नेटवर्क का प्रचलन किया। यह पद्धति अमेरिका की अपेक्षा यूरोप में ज्यादा विकसित हुई।

    2जी पद्धति वृहद बृक (2G System Massive Brick)

    2जी पद्धति वृहद बृक (Brick) फोन की अपेक्षा बहुत ही छोटा लगभग 100-200 ग्रा। का हैण्डहेल्ड मोबाइल (handheld mobile) है। इसमें अति प्रोन्नत बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक एवं शक्तिशाली ऊर्जा के सम्मिश्रण के कारण प्रभाव क्षेत्र एवं प्रभुत्व विस्तार की दृष्टि से अनेक संभावनाएँ हैं।

    द्वितीय डिजिटल पीढ़ी (second digital generation) ने संचार के एक सर्वथा नए रूप को विकसित किया जिसे एस.एम.एस. (SMS) अथवा टेक्स्ट मेसेजिंग (text messaging) कहते हैं। पहले एस.एम.एस. (SMS) केवल जीएनएस नेटवर्क (GNS Network) पर ही उपलब्ध था,

    लेकिन क्रमश: यह अपना विस्तार करते हुए प्रायः सभी डिजिटल नेटवर्क्स (digital networks) से सम्बंद्ध हो गया। 3 दिसम्बर सन् 1992 को पहली बार एम.एम.एस. (SMS) मशीन के जरिए संदेश प्रेषित किया गया। 1993 में क्रमश: इस प्रणाली ने फिनलैंड के अधिकांश शहरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

    पहली इंटरनेट मोबाइल सेवा (first internet mobile service)

    इसने मोबाइल फोन पर ऐक्सेस मीडिया कन्टेन्ट उपलब्ध कराने में अपनी मौलिकता प्रदर्शित की। 1998 में डाउनलोड से युक्त मोबाइल फोन (mobile phone with download) ने रिंगटोन के कारण अत्यधिक लोकप्रियता हासिल की, रिंगटोन को सबसे पहले फिनलैंड रेडियोलिंजा (जिसे अब एलिसा कहा जाता है) के माध्यम से आविष्कार किया गया। मोबाइल फोन पर विज्ञापन (advertising on mobile phones) की प्रक्रिया सन् 2000 में फिनलैंड द्वारा प्रारंभ की गई।

    स्वीडन और फिनलैंड में ही वेडिंग मशीन एवं कार पार्किंग कोकाकोला के जरिए मोबाइल सेवा की दरें निश्चित की गई। 1999 में नार्वे ने इसे व्यावसायिक रूप से लांच किया। इसी वर्ष फिलीपाइन्स में मिमिक बैंक एवं क्रेडिट कार्डस द्वारा पेमेंट सिस्टम (Payment System by Mimic Banks and Credit Cards) की शुरुआत हुई। यह शुरुआत मुख्यत: ग्लोब और स्मार्ट नामक मोबाइल आपरेटरों द्वारा की गई। जापान में पहली इंटरनेट मोबाइल सेवा (NITTCOMO) द्वारा प्रारंभ की गई।

    तीसरी पीढ़ी (3जी) हाई स्पीड आईपी डाटा नेटवर्क (3G) (High Speed IP Data Network)

    2जी Celliular Network की अत्यधिक लोकप्रियता एवं प्रयोग-दक्षता के फलस्वरूप इसका उपयोग अब प्रतिदिन की जीवन-चर्या में शामिल हो गया। लोगों की रुझान डॉटा सेवाओं, विशेष रूप से नेट में एक्सेस के प्रति ज्यादा होने लगी। डॉटा सेवाओं का रोजगार (employment of data services) से क्रमश: सम्बद्ध होने की प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा तेज एवं प्रभूत मात्रा में डाटा स्पीड्स (data speeds) की आवश्यकता महसूस की जाने लगी।

    2G (2जी) की तकनीक रोजगारपरक नहीं थी इसलिए इंडस्ट्री ने अगली पीढ़ी यानी 1G (1जी) तकनीक पर कार्य करना प्रारंभ किया। 2जी और 3जी (2G and 3G) तकनीक में मूलभूत अंतर यह है कि डॉटा ट्रांसमिशन की दृष्टि से 2जी में सर्किट स्विचिंग थी जब कि 3जी पैकेटस्विचिंग (3G Packet Switching) प्रयोग पद्धति पर आधारित है।

    3G (3जी) का प्रथम वाणिज्यिक Celliular Network सन् 2001 में जापान की राजधानी टोक्यो में NTT-DOCOMO कंपनी द्वारा प्रारंभ किया गया। इसमें WCDMA तकनीक प्रयुक्त की गई। सन् 2002 में साउथ कोरिया ने CDMA 2000 1xEV-DO नामक नई तकनीक विकसित की।

    3जी नेटवर्क लांच (3G network launched)

    यूरोप के इटली और यूके (Italy and UK) द्वारा सन् 2003 में WCDMA-2003 तकनीक के जरिए 3G (3जी) को लांच किया गया। 3जी तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता औद्योगिक घटकों में पारदर्शिता लाने पर निर्भर थी। इस मोबाइल में पाठ संदेश भेजने और आवाज फोन फीचर के अलावा कई फीचर होते हैं,

    जैसे-कॉल रजिस्टर (GPS) नेविगेशन, संगीत (MP3) और वीडियो, (MP4) प्लेबैक, आर.डी.एस. रेडियो रिसीवर, अलार्म, ज्ञापन और दस्तावेज रिकॉर्डिंग, निजी आयोजक और व्यक्तिगत डिजिटल सहायक प्रकार्य, स्टोलिंग वीडियो देखने की क्षमता या बाद में देखने के लिए वीडियो डाउनलोड वीडियो कॉलिंग,

    निर्मित कैमरे (3. 2 MPX) और कोर्डर (वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑटोफोकस (फ्लैश के साथ) रिंगटोन, खेल, पट, स्मृति कार्डपाठक (SD) यूएसबी (2.0) अवरक्त, ब्लूटूथ (2.0) त्वरित संदेश इंटननेट ई-मेल और ब्राउनिंग वायरलैस मॉडेम सेवा आदि।

    4जी मोबाइल नेटवर्क (4G mobile network)

    4G ब्रॉडबैंड सेलुलर नेटवर्क (broadband cellular network) तकनीक की चौथी पीढ़ी है, जो 3G के बाद और 5G से पहले की है। एक 4G सिस्टम को IMT एडवांस्ड में ITU द्वारा परिभाषित क्षमताएँ प्रदान करनी चाहिए। संभावित और वर्तमान अनुप्रयोगों में संशोधित मोबाइल वेब एक्सेस (mobile web access) , आईपी टेलीफोनी, गेमिंग सेवाएँ, हाई-डेफिनिशन मोबाइल टीवी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और 3 डी टेलीविजन शामिल हैं।

    पहली-रिलीज़ WIMAX मानक को 2006 में दक्षिण कोरिया (South Korea) में व्यावसायिक रूप से तैनात किया गया था और तब से इसे दुनिया के अधिकांश हिस्सों में तैनात किया गया है। पहली रिलीज़ लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (First Release Long Term Evolution) (LTE) मानक को 2009 में ओस्लो, नॉर्वे और स्टॉकहोम, स्वीडन में व्यावसायिक रूप से तैनात किया गया था और तब से इसे दुनिया के अधिकांश हिस्सों में तैनात किया गया है।

    4G वायरलेस सेलुलर

    हालाँकि, इस पर बहस हुई है कि क्या पहले-रिलीज़ संस्करणों को 4G LTE माना जाना चाहिए। 4G वायरलेस सेलुलर (wireless cellular) मानक को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) द्वारा परिभाषित किया गया था और यह मानक की प्रमुख विशेषताओं को निर्दिष्ट करता है, जिसमें ट्रांसमिशन तकनीक और डेटा गति शामिल है।

    वायरलेस सेलुलर तकनीक (wireless cellular technology) की प्रत्येक पीढ़ी ने बढ़ी हुई बैंडविड्थ गति और नेटवर्क क्षमता को पेश किया है। 4G (4जी) यूजर्स को 100 एमबीपीएस (mbps) तक की स्पीड मिलती है, जबकि 3जी ने केवल 14 एमबीपीएस (mbps) की पीक स्पीड का वादा किया था।

    5G ब्रॉडबैंड सेलुलर नेटवर्क (5G Broadband Cellular Network)

    दूरसंचार में, 5G Celliular Network ब्रॉडबैंड सेलुलर नेटवर्क (5G Broadband Cellular Network) के लिए पांचवीं पीढ़ी का प्रौद्योगिकी मानक है, जिसे सेलुलर फोन कंपनियों ने 2019 में दुनिया भर में तैनात करना शुरू किया और 4G नेटवर्क का नियोजित उत्तराधिकारी है जो अधिकांश वर्तमान सेलफोन को कनेक्टिविटी (cell phone connectivity) प्रदान करता है।

    GSM एसोसिएशन के अनुसार, 5G नेटवर्क के 2025 तक दुनिया भर में 1.7 बिलियन से अधिक ग्राहक होने का अनुमान है। अपने पूर्ववर्तियों की तरह, 5G नेटवर्क सेलुलर नेटवर्क (5G Broadband Cellular Network) हैं, जिसमें सेवा क्षेत्र को छोटे भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है जिन्हें सेल कहा जाता है।

    सेल में सभी 5G वायरलेस डिवाइस सेल में एक स्थानीय एंटीना के माध्यम से रेडियो तरंगों द्वारा इंटरनेट और टेलीफोन नेटवर्क (Internet and telephone networks) से जुड़े होते हैं। नए नेटवर्क का मुख्य लाभ यह है कि उनके पास अधिक बैंडविड्थ होगी, जो उच्च डाउनलोड गति प्रदान करेगी, अंततः 10 गीगाबिट प्रति सेकंड (Gbit / s) तक बढ़ी हुई बैंडविड्थ के कारण,

    यह उम्मीद की जाती है कि लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर के लिए सामान्य इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP) के रूप में नेटवर्क का तेजी से उपयोग किया जाएगा, मौजूदा आईएसपी जैसे केबल इंटरनेट के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा और इंटरनेट में नए अनुप्रयोगों को भी संभव बनाएगा-थिंग्स (IoT) और मशीन-टू-मशीन क्षेत्र। 4G सेलफोन नए नेटवर्क का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं, जिसके लिए 5G-सक्षम वायरलेस डिवाइस (5G-enabled wireless devices) की आवश्यकता होती है।

    निष्कर्ष

    दोस्तों आपने इस Mobile Netwark की दुनिया में जीरो 0जी नेटवर्क से लेकर 1G, 2G, 3G, 4G ओर 5G मोबाइल नेटवर्क के बारे में जानकारी पड़ी। जानकारी जरूर अच्छी लगी होगी। अपने दोस्तों को भी इस जानकारी को शेयर करें।

    Read:- सेलुलर फोन (cellular phone) का आविष्कार कब और किसने किया? मोबाइल फोन का आविष्कार

    Read:- भारत में दूरसंचार सेवाओं की शुरुआत कब और कहाँ? Bharat me doorsanchar Sevaye

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    (3जी) हाई स्पीड आईपी डाटा नेटवर्क 2जी पद्धति वृहद बृक 3जी नेटवर्क लांच 4G ब्रॉडबैंड सेलुलर नेटवर्क 4G वायरलेस सेलुलर 4G सेलफोन नए नेटवर्क का उपयोग 4जी मोबाइल नेटवर्क 5G नेटवर्क के 2025 तक दुनिया भर में 5G ब्रॉडबैंड सेलुलर नेटवर्क 5G-सक्षम वायरलेस डिवाइस Bharat mein 2G launch Kab Hua cellular data meaning in English cellular data meaning in Hindi cellular meaning in Hindi cellular network cellular network in Hindi cellular network meaning in Hindi cellular network means type advanced off cellular network type of cellular network what is cellular data what is cellular system जापान में पहली इंटरनेट मोबाइल सेवा दूसरा आई.जी. नेटवर्क दूसरा जनरेशन 2G डिजिटल नेटवर्क दूसरी पीढ़ी: डिजिटल नेटवर्क द्वितीय डिजिटल पीढ़ी पहला आई. जी. नेटवर्क पहला पब्लिक व्यावसायिक मोबाइल फोन पहला मोबाइल फोन नेटवर्क पहला हैण्डहेल्ड सेलफोन का आविष्कार पहली इंटरनेट मोबाइल सेवा पहले एस.एम.एस. केवल जीएनएस नेटवर्क प्रथम ऑटोमैटिक सेल्युलर नेटवर्क प्रथम वाणिज्यिक नेटवर्क मोबाइल फोन के इतिहास मोबाइल फोन पर विज्ञापन शून्य जनरेशन सेल्युलर नेटवर्क सेल्युलर नेटवर्क की पहली पीढ़ी सेल्यूलर नेटवर्क इन हिंदी
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